श्वेत संगमरमर से निर्मित भव्य और शांत आध्यात्मिक धाम
संपूर्ण मंदिर परिसर अपनी भव्य श्वेत संगमरमर की नक्काशी और सुंदरता के लिए जाना जाता है।
यह स्थान सदियों से विरक्त संतों और साधकों की साधना का प्रमुख केंद्र रहा है।
अयोध्या के भीड़भाड़ वाले मंदिरों के बीच यह एक ऐसा कोना है जहाँ मन को असीम शांति मिलती है।
एक ऐसा धाम जो अपनी भव्यता और पवित्रता से मन मोह लेता है...
छोटी छावनी (जिसे 'वाल्मीकि भवन' के नाम से भी जाना जाता है) अयोध्या की वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना है। 19वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर राजस्थान से लाए गए बेशकीमती संगमरमर से सजाया गया है। मंदिर का विशाल प्रांगण और उसके चारों ओर बने विभिन्न देवताओं के मंदिर इसे एक संपूर्ण धार्मिक परिसर बनाते हैं।
माना जाता है कि यहाँ की दीवारों पर रामायण के प्रसंगों को बड़ी खूबसूरती से उकेरा गया है। यहाँ की शांति हर आगंतुक को अंतर्मुखी होने और ईश्वर से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है।
प्रातः 06:00 AM से रात्रि 08:00 PM
मंदिर परिसर में फोटोग्राफी से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है।
निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ हर श्रद्धालु का स्वागत।
सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का पवित्र संगम।
सरयू तट की पावन वायु और शांत आध्यात्मिक वातावरण।