अयोध्या के रक्षक, श्री हनुमान जी का जाग्रत दरबार
हनुमानगढ़ी अयोध्या का सबसे प्राचीन और शक्तिशाली धार्मिक केंद्र माना जाता है।
मंदिर के मुख्य गर्भगृह तक पहुँचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं।
माना जाता है कि हनुमान जी यहाँ रहकर अयोध्या नगरी की सुरक्षा करते हैं।
हनुमान जी के आशीर्वाद के बिना अयोध्या यात्रा अधूरी है...
हनुमानगढ़ी एक राजसी किले की तरह दिखता है। यहाँ भगवान हनुमान जी एक बालक के रूप में "अंजनी पुत्र" के रूप में माँ अंजनी की गोद में विराजमान हैं। मान्यता है कि भगवान राम के दर्शन से पहले भक्त को हनुमान जी की आज्ञा लेनी पड़ती है।
यहाँ की हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। मंदिर की भव्यता और यहाँ की सकारात्मक ऊर्जा हर भक्त को भावविभोर कर देती है।
प्रातः 05:00 AM से रात्रि 10:00 PM
मंगलवार और शनिवार को भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।
निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ हर श्रद्धालु का स्वागत।
सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का पवित्र संगम।
सरयू तट की पावन वायु और शांत आध्यात्मिक वातावरण।