स्थापना वर्ष
"हमारी संस्था के प्रबंधक एवं अन्य सदस्यों की जन्मभूमि अयोध्या धाम है | जन्म से ही सभी सदस्य साधु संतों व अयोध्या धाम की सेवा में लीन रहे हैं।"
समाज सेवा के उद्देश्य से वर्ष 2018 में अपनी संस्था श्री राम जानकी धाम अयोध्या का उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन पंजीकरण कराया गया, जिससे संस्था के कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता के साथ आय व्यय आदि का लेखांकन किया जा सके |
संस्था आयकर विभाग द्वारा आयकर से छूट के लिए भी पंजीकृत है, जो हमारी सेवा के प्रति ईमानदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अयोध्या धाम में निवास कर रहे साधु संतों एवं तीर्थ यात्रियों के लिए समर्पित हमारी सेवाएं
बुजुर्ग साधु संतों की चिकित्सा सेवा एवं स्वास्थ्य देखभाल के लिए निरंतर प्रयास।
साधु संतों को उचित वस्त्र एवं आवश्यक सामग्री का वितरण।
निः शुल्क भोजन प्रसाद वितरण एवं संतों के लिए अन्न की व्यवस्था।
गौमाता की रक्षा एवं उनके पालन-पोषण के लिए समर्पित गौशाला प्रकल्प।
तीर्थ यात्रियों को निः शुल्क दर्शन पूजन एवं ठहरने के लिए आवश्यक सराह।
धार्मिक मेलों एवं उत्सवों में दर्शनार्थियों हेतु चिकित्सा शिविर का आयोजन।
अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है। यह पवित्र सरयू नदी के दाएं तट पर बसा है। इसे ‘कौशल देश’ भी कहा जाता था। रामायण के अनुसार अयोध्या की स्थापना मनु ने की थी। यह पुरी सरयू के तट पर बारह योजन (लगभग १४४ कि.मी) लम्बाई और तीन योजन (लगभग ३६ कि.मी.) चौड़ाई में बसी थी। राम जानकी ट्रस्ट एक परोपकारी संगठन है जो भगवान राम और माता सीता के मूल्यों से प्रेरित विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक और शैक्षिक पहलों का समर्थन करता है। इसका उद्देश्य righteousness (धर्म), compassion (दया), और समुदाय सेवा के आदर्शों को बढ़ावा देना है।
इसका महत्व इसके प्राचीन इतिहास में निहित है क्योंकि भारत के प्रसिद्ध एवं प्रतापी क्षत्रियों (सूर्यवंशी) की राजधानी यही नगर रहा है। जैन मत के अनुसार यहां आदिनाथ सहित पांच तीर्थंकरों का जन्म हुआ था। यहाँ पर सातवीं शताब्दी में चीनी यात्री हेनत्सांग आया था। भगवान राम के जीवन के आदर्शों को बनाए रखते हुए जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता है।
निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ हर श्रद्धालु का स्वागत।
सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का पवित्र संगम।
सरयू तट की पावन वायु और शांत आध्यात्मिक वातावरण।