गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में निर्मित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरोहर
यहाँ श्रीरामचरितमानस की पांडुलिपियों और गोस्वामी तुलसीदास जी की रचनाओं का दुर्लभ संग्रह संरक्षित है।
अयोध्या के इतिहास और रामकथा से जुड़े प्राचीन चित्रों और कलाकृतियों का एक सुंदर संग्रहालय यहाँ स्थित है।
भवन में नियमित रूप से रामलीला, प्रवचन और शास्त्रीय भजन संध्याओं का आयोजन किया जाता है।
एक ऐसा स्थान जहाँ तुलसी की लेखनी और राम की महिमा का वास है...
तुलसी स्मारक भवन अयोध्या की राजसदन के समीप स्थित एक भव्य भवन है। इसकी स्थापना 1969 में हुई थी। यह भवन केवल एक संरचना नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य के आधार स्तम्भ गोस्वामी तुलसीदास जी को सच्ची श्रद्धांजलि है। यहाँ स्थापित 'अयोध्या शोध संस्थान' रामकथा के वैश्विक प्रभाव पर निरंतर कार्य करता है।
यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल कलाकृतियाँ देखते हैं, बल्कि पुस्तकालय में बैठकर रामायण कालीन संस्कृति की गहराई को भी समझ सकते हैं। यहाँ का शांत वातावरण अध्ययन और मनन के लिए अत्यंत अनुकूल है।
प्रातः 10:00 AM से संध्या 05:00 PM
नोट: राष्ट्रीय अवकाशों और सरकारी छुट्टियों पर समय में परिवर्तन हो सकता है।
निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ हर श्रद्धालु का स्वागत।
सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का पवित्र संगम।
सरयू तट की पावन वायु और शांत आध्यात्मिक वातावरण।