जहाँ से शुरू हुई राम जन्म की पावन कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं महाराज दशरथ ने वह दिव्य यज्ञ किया था जिसके फलस्वरूप चार पुत्रों का जन्म हुआ।
यह स्थान भगवान राम के अवतार की नींव माना जाता है, जो भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण करता है।
सरयू नदी के तट पर स्थित यह धाम प्राकृतिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम है।
एक ऐसा तीर्थ जहाँ से रघुकुल के सौभाग्य का उदय हुआ...
मखोड़ा धाम उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मनोरमा और सरयू नदी के संगम के पास स्थित है। रामायण काल में जब महाराज दशरथ को संतान की प्राप्ति नहीं हो रही थी, तब उन्होंने इसी पवित्र भूमि पर ऋष्यश्रृंग ऋषि के सान्निध्य में पुत्रकामेष्टि यज्ञ का अनुष्ठान किया था। इस यज्ञ की अग्नि से प्रकट हुए 'चरु' के सेवन से ही कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी को मातृत्व का सुख प्राप्त हुआ।
यहाँ आज भी वह यज्ञ वेदी और प्राचीन मंदिर भक्तों की आस्था के केंद्र बने हुए हैं। हर वर्ष यहाँ भव्य मेलों का आयोजन होता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु आकर राम जन्म की स्मृतियों को नमन करते हैं।
प्रातः 06:00 AM से संध्या 07:00 PM
राम नवमी के अवसर पर यहाँ विशेष यज्ञ और अनुष्ठानों का भव्य आयोजन होता है।
निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ हर श्रद्धालु का स्वागत।
सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का पवित्र संगम।
सरयू तट की पावन वायु और शांत आध्यात्मिक वातावरण।